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Trading Kaise Sikhe: ऑनलाइन, ऑफलाइन, Course, प्रकार और नियम

नमस्कार दोस्तो Techgydhindi पर आपका एक दफा फिर से स्वागत है आज के इस लेख में Trading Kaise Sikhe और Trading Kya Hai. दोस्तो कई लोग जब भी शेयर मार्केट का नाम सुनते हैं, तब यही सोचते हैं ट्रेडिंग क्या है, ट्रेडिंग कैसे सीखें?

शेयर बाजार किसी और निवेश के जरिए की तुलना में बेहतर हो सकता है, यदि आप इसे बेहतर तरीके से सीख कर करते हैं, अगर आपको ट्रेडिंग की जानकारी नहीं है तब आप शेयर मार्केट में निवेश के जरिए होने वाले फायदे नहीं उठा पाएंगे। अगर आपके पास ट्रेडिंग की जानकारी नहीं है तब नुकसान की संभावना ज्यादा रहती है

इसलिए ट्रेडिंग करने या शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले आपको ट्रेडिंग की अच्छी जानकारी होना आवश्यक है। शेयर मार्केट की जानकारी होने से आपके लिए ट्रेडिंग काफी सहज और आसान हो जाता है, आज इस लेख में ट्रेडिंग सीखने के अलग-अलग तरीके के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा से करेंगे.

Trading Kya Hai ( ट्रेडिंग क्या है )

ट्रेडिंग का अगर हिंदी में मतलब निकाला जाए तो इसका मतलब होता है व्यापार या आसान शब्दों में कहें तो ट्रेडिंग का मतलब किसी भी चीज को खरीदने और बेचने का व्यापार जैसे कि आपके यहां कोई सब्जी वाला सब्जी बेच रहा है तो इसका मतलब वह सब्जी का trade कर रहा है.

trading एक तरह का व्यापार ही है बस इसमें आपको कोई शारीरिक बल नहीं लगाना पड़ता है सिवाय अपने पैसे और दिमाग के ट्रेडिंग का मुख्य मकसद किसी भी वस्तु या सेवा को खरीद कर कम समय में लाभ कमाना होता है यही कारण है.

कि ज्यादातर लोग ट्रेडिंग शेयर मार्केट में ही करते हैं, वहीं शेयर मार्केट ट्रेडिंग छोटी-बड़ी कंपनियों के शेयर पर होने वाली ट्रेडिंग को शेयर मार्केट ट्रेडिंग कहते हैं, और जब शेयर मार्केट 9:15 AM के सुबह को खुलती है तब शेयर मार्केट में होने वाले शेयर की कीमत थोड़ी कम होती है.

इसी वजह से ज्यादातर ट्रेडर्स उसी वक्त सुबह को ही कम दाम में बाकी शेयर को खरीद लेते हैं।और दोपहर के 3:30 PM के पहले अपने खरीदे गए शेयर को ज्यादा दाम में बेच देते हैं क्योंकि शेयर मार्केट 9:15 AM से 3:30 PM तक ही खुली रहती है.

इसी बीच ट्रेडर अपनी खरीदे हुए अनुमानित मुनाफे को देखकर शेयर को बेच देते हैं अगर उनका मुनाफा नहीं बनता है तो वह अगले दिन तक रुकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कि आप सीधा जाकर शेयर खरीद सकते हो क्योंकि शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के और भी कई प्रकार होते हैं और ट्रेडर अपने सुविधा और जोखिम को देखते हुए ही ट्रेडिंग करते हैं.

ट्रेडिंग सीखने के तरीके

शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने के लिए अलग-अलग जरिए का उपयोग कर सकते हैं जैसे आप ऑनलाइन या ऑफलाइन का जरिया चुन सकते हैं.

ऑनलाइन तरीके में आप ऑनलाइन ऐप , शेयर मार्केट से जुड़े कोर्सेस, शेयर मार्केट पर आधारित यू-ट्यूब चैनल का उपयोग कर सकते हैं.

और आप ऑफलाइन जरिए से ट्रेडिंग सीखने के लिए चुने अच्छे किताब का उपयोग कर सकते हैं। अगर आपके पास ज्यादा समय है तब आप किसी इंस्टिट्यूट में शेयर मार्केट के कोर्स भी ज्वाइन कर सकते हैं। बाजार में कई इंस्टिट्यूट शेयर मार्केट से जुड़े कोर्स उपलब्ध कराती है.

Online Trading Kaise Sikhe

जब बात शेयर मार्केट कैसे सीखे की आती है तो उसके लिए ऑनलाइन विकल्प सबसे आसान और महत्वपूर्ण विकल्प है। ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने के लिए अलग-अलग महत्वपूर्ण जरिए के बारे में यह विस्तार में बात की गयी है.

ऑनलाइन यु-ट्यूब चैनल

हालिया समय में कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए यु-ट्यूब एक बेहतर जरिया है। ट्रेडिंग सीखने के लिए कई सारे यु-ट्यूब चैनल उपलब्ध हैं जिससे आप स्टॉक मार्केट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन कई सारे यु-ट्यूब चैनल पर अनावश्यक जानकारी उपलब्ध रहती है। जिससे उन्हें कई बार ट्रेडिंग के दौरान काफी नुकसान झेलना पड़ता है.

आप स्टॉकपाठशाला यु-ट्यूब चैनल ट्रेडिंग सीखना आपके लिए बेहतरीन जरिया हो सकता है। इस चैनल पर आप अलग-अलग ट्रेडिंग सेगमेंट में ट्रेडिंग के तरीके के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस यु-ट्यूब चैनल पर ट्रेडिंग के शेयर मार्केट टिप्स, शेयर मार्केट चार्ट, रणनीति के बारे में भी बताया गया है.

ऑनलाइन ब्लॉग

ऑनलाइन ब्लॉग से भी पढ़कर आप ट्रेडिंग के बारे में सीख सकते हैं। आप ऑनलाइन ब्लॉग के लिए Stockpathshala पर जाकर ट्रेडिंग के बारे में सीख सकते हैं। आप इसके ब्लॉग सेक्शन में जाकर ट्रेडिंग सीखने के तरीके ट्रडिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बताया गया है.

इस ब्लॉग पर ट्रेडिंग सीखने से जुड़ी सारी सूचना को काफी बेहतर तरीके से समझाया गया है। इस ब्लॉग पर उपलब्ध सारी जानकारी नयी (Updated) है। ट्रेडिंग सीखने के अलावा आप स्टॉकपाठशाला ब्लॉग से स्टॉक मार्केट से जुड़े सभी आवश्यक जानकारी के बारे में पढ़ सकते हैं.

ऑनलाइन कोर्सेस

बाजार में ट्रेडिंग सीखने के लिए कई कोर्स उपलब्ध हैं लेकिन कई कोर्स काफी महंगे होते हैं, और इन ऑफलाइन कोर्सेस में अनावश्यक जानकारी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इन महंगे ऑनलाइन कोर्सेस को खरीदने के बाद भी आपको कई सवालों की जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे कई लोगों का शेयर मार्केट के प्रति आत्मविश्वाश टूट जाता है.

इस तरह की स्थिति में Stock Pathshala के द्वारा प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन कोर्सेस आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। स्टॉकपाठशाला सारे ट्रेडिंग सेगमेंट जैसे इक्विटी, करेंसी, कमॉडिटी और ट्रेडिंग सेगमेंट से जुड़े ऑनलाइन कोर्स प्रदान करता है। इस कोर्स के माध्यम से आप equity meaning in hindi, और दूसरी सेगमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातो को अच्छे से समझ उसमे निवेश कर सकते है.

इसके प्रत्येक ट्रेडिंग सेगमेंट में ट्रेडिंग सीखने के तरीके के बारे में शुरूआती स्तर से समझाया गया है। आप इस बात पर ध्यान दें की स्टॉक पाठशाला की कोर्स शेयर मार्केट विशेषज्ञ बनाई गयी है.

ऑनलाइन एप

ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने के लिए बहुत सारे ऐप उपलब्ध है जिससे आप ट्रेडिंग सीख सकते हैं। बाज़ार में जब आप ऐप के बारे में सर्च करेंगे तब आपको बहुत सारे ऐप मिल जाएंगे जो गलत सुचना भी प्रदान करते हैं और बहुत सारे प्लेटफार्म में काफी जटिल भाषा का उपयोग होता हैं जिससे नए लोगों को ट्रेडिंग सीखना लगभग नामुमकिन हो जाता है.

इसलिए हम आपको (Stockpathshala App) से ट्रेडिंग सीखने की सलाह देंगे। इस प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग सीखने की पूरी जानकारी अलग-अलग सेगमेंट में ट्रेडिंग में ट्रेडिंग करने के बारे में काफी आसान भाषा और विस्तार से बताया गया है जिससे नए लोग आसानी से समझ सकते हैं,

इस ऐप पर कंटेंट टेक्स्ट, वीडियो और ऑडियो के रूप में उपलब्ध है। शेयर मार्केट में यह नए लोगों के लिए कुछ कोर्सेस मुफ्त में उपलब्ध है, अगर आप इसे एडवांस लेवल पर सीखना चाहते हैं तब आपको इसके लिए कुछ शुल्क का भुगतान करना होगा.

Stockpathshala तीन तरह के प्रो प्लान्स की सेवा प्रदान करता है, सब्सक्राइब करने के बाद आप इसके कंटेंट तक पहुँच पाएंगे। इसके तीन प्लान्स इस प्रकार हैं.

स्टॉकपाठशाला के तीन प्लान्स इस प्रकार हैं, बिगिनर (Beginner), स्टार (Star) और लीजेंड (Legend)

इस एप में आप स्टॉक मार्केट क्या होता है से लेकर इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें, इंडीकेटर्स, फंडामेंटल एनालिसिस (fundamental analysis in hindi), टेक्निकल एनालिसिस (Technical Analysis in Hindi) आदि की पूरी जानकारी बहुत ही आसानी से समझ सकते है.

ऑफलाइन ट्रेडिंग सीखने के तरीके

ऑफलाइन ट्रेडिंग में आप किताब या ऑफलाइन कोर्सेस से भी ट्रेडिंग सीख सकते हैं। ट्रेडिंग सीखने के लिए बाजार में कई किताब उपलब्ध है. लेकिन हम आपके लिए कुछ चुनिंदा शेयर मार्केट की किताब लेकर आए हैं, जिनसे आपको ट्रेडिंग सीखने में आसानी होगी.

Stock Market Books in Hindi

आप नीचे दिए हुए किताबों की सूची से आप सही किताब का उपयोग कर ट्रेडिंग सीख सकते हैं। इन किताबों में ट्रेडिंग सीखने की जानकारी काफी आसान भाषा में उपलब्ध है.

  • शेयर मार्केट ट्रेडिंग बुक्स
  • किताब
  • प्रकाशन वर्ष
  • लेखक
  • रेटिंग

यह सभी किताब बाजार में आसानी से उपलब्ध है। ट्रेडिंग सीखने के अलावा आपको शेयर बाजार के नियम का भी अनुसरण करने की आवश्यकता होता है.

ऑफलाइन कोर्सेस

अगर आप आज भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से ज्ञान लेने में असमर्थ है तो उसके लिए आप ट्रेडिशनल तरीके से भी स्टॉक मार्केट सीख सकते है। मार्केट में कई प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान हैं जो ट्रेडिंग सीखने से जुड़े ऑफलाइन कोर्सेस की सुविधा प्रदान करते हैं.

आप इन ऑफलाइन कोर्सेस से भी ट्रेडिंग के बारे में सीख सकते हैं लेकिन यहाँ पर ज़रूरी है की आप इंस्टीटुए और कोर्स की पूरी जानकारी लेने के बाद ही ट्रेडिंग कोर्स ले.

ट्रेडिंग के नियम

बहुत बार ट्रेडर्स इस प्रश्न के साथ आते है कि intraday trading kaise kare in hindi तो यहाँ पर ट्रेडिंग सीखने के साथ ज़रूरी है कि आप सही नियमों का पालन भी करे। ट्रेडिंग के कुछ नियम जिससे आपको अवगत रहना चाहिए, वह निम्नलिखित है:

ट्रेडिंग योजना बनाएं

ट्रेडिंग करने से पहले एक ट्रेडिंग योजना बनाना काफी बेहतर उपाय है। आप ट्रेडिंग करने से पहले प्रवेश करने, बाहर निकलने के समय को तय करने को शामिल करना आवश्यक है। सही योजना बनाने से आपको ट्रेडिंग के दौरान काफी मदद मिलती है.

ट्रेडिंग को व्यापार की तरह समझें

ट्रेडिंग में सफल होने के लिए आपको इसे एक व्यापार की तरह समझना चाहिए, न की इसे एक हॉबी (Hobby) और जॉब की तरह समझें.

इसे एक हॉबी की तरह समझने के लिए, आप इसे सीखने के लिए कमिटमेंट नहीं कर पाते। अगर आप इसे जॉब समझते हैं, यह तनाव पैदा कर सकता है क्योंकि इसमें जॉब की तरह नियमित तौर पर वेतन नहीं मिलता है.

ट्रेडिंग एक व्यापर की तरह है जिसमें  खर्च, नुकसान,कर (Tax), रिस्क शामिल है। इसलिए आपके लिए यह आवश्यक है की आप ट्रेडिंग करने से पहले आवश्यक रिसर्च करें.

अपनी क्षमता के अनुसार जोखिम लें

आपको ट्रेडिंग में निवेश करने से पहले अपनी क्षमता के अनुसार जोखिम लेना चाहिए.

स्टॉप – लॉस का उपयोग करें

स्टॉप लॉस ट्रेडर के बीच काफी लोकप्रिय है जिसका उपयोग आप ट्रेडिंग के दौरान कर शेयर मार्केट में गिरावट आने पर होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। नए लोगों के लिए स्टॉप लॉस (Stop Loss Meaning in Hindi) समझना आवश्यक है जिससे वह एक सही ट्रिगर प्राइस दर्ज़ करके अपने नुक्सान को सीमित कर सकते है.

तथ्य के आधार पर अपनी समझ को बढ़ाएं

ट्रेडिंग करने से पहले आपको जरुरी रिसर्च करना आवश्यक है। जरुरी रिसर्च के बाद ही किसी स्टॉक में निवेश करें.

Trading ke Prakar ( ट्रेडिंग के प्रकार )

शेयर मार्केट में आप दो तरह से पैसा लगाते है जिनमें एक है निवेश और दूसरा है ट्रेडिंग। सेम डे या शोर्ट टर्म के लिए शेयर्स की खरीद – बिक्री करने की प्रक्रिया को  ट्रेडिंग कहते है.

भारत में बिभिन्न प्रकार की ट्रेडिंग होती है जिन्हे हम वारीकी से एक – एक समझेंगे। मुख्य रूप से शेयर ट्रेडिंग पांच प्रकार की होती है:

  • डिलीवरी ट्रेडिंग
  • इंट्राडे ट्रेडिंग
  • स्कल्पिंग
  • स्विंग ट्रेडिंग
  • पोशिनल ट्रेडिंग

Delivery Trading in Hindi

शुरुआत करते है लॉन्ग-टर्म-डिलीवरी ट्रेडिंग के साथ, यहाँ पर आपका फोकस वेल्थ की और रहता है और आप उन स्टॉक में निवेश करना उचित समझते है जिसमे आप समय के साथ ज़्यादा मुनाफा कमा सकते है.

डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए आपको किसी भी कंपनी के फंडामेंटल को समझना काफी ज़रूरी हो जाता है, जिसमे आप कंपनी का इतिहास, परफॉरमेंस, प्रॉफिट/लॉस की जानकारी के लिए बैलेंस शीट (balance sheet in hindi) और अलग-अलग-रेश्यो PE ratio in hindi, ROE meaning in hindi आदि की जानकारी प्राप्त करना अनिवार्य होता है.

डिलीवरी ट्रेडिंग के अंतर्गत आप वैल्यू इन्वेस्टिंग या मोमेंटम इन्वेस्टिंग की दिशा में स्टॉक्स का चयन कर निवेश करने की योजना बना सकते है। यहाँ पर ज़्यादा मुनाफा कमाने के लिए आप डिलीवरी ट्रेडिंग नियमों (delivery trading rules in hindi) का पालन ज़रूर करें.

Intraday Trading in Hindi

ट्रेडिंग के इस शैली में एक ही दिन में स्टॉक को खरीदना और बेचना शामिल होता है। इंट्राडे ट्रेडिंग के मामले में, ट्रेडर कुछ मिनटों या घंटों के लिए स्टॉक को होल्ड रखते हैं। इस तरह की ट्रेडिंग में शामिल एक ट्रेडर को दिन के बाजार बंद होने से पहले अपनी पोजिशन को बंद करना होता है.

इंट्राडे ट्रेडिंग के मामलों में तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, बाजार की अस्थिरता (Volatility) की पूरी समझ और स्टॉक प्राइस में उतार-चढ़ाव के बारे में गहरी समझ की आवश्यकता होती है। इसलिए, यह ज्यादातर अनुभवी ट्रेडर्स द्वारा की जाती है। यदि आप स्टॉक मार्केट में नए है तो पूरी समझ और ज्ञान के बाद ही इंट्राडे ट्रेडिंग शुरु करे.

उदाहरण – माना राहुल ने रिलायंस के 50 शेयर्स 2000 रुपयें प्रति शेयर में इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए खरीदे है, अब राहुल को उसी दिन 03:20 PM से पहले अपने रिलायंस के शेयर्स को बेचना होगा, चाहे राहुल नुकसान में हो या फायदे में। अगर राहुल ऐसा नही करता है उसका ब्रोकर पोजिशन को ऑटेमेटिक सैल कर देगा.

इसलिए इंट्राडे ट्रेडर्स को एंट्री के साथ पोजीशन क्लोज भी सही समय में करना काफी ज़रूरी होता है, तो जिस तरह से टेक्निकल एनालिसिस (technical analysis in hindi) स्टॉक को खरीदने के ज़रूरी है उसी प्रकार कब आपको एग्जिट करना उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर (best indicator for intraday trading) का इस्तेमाल कर सकते है.

स्कैल्पिंग

स्कैल्पिंग को माइक्रो-ट्रेडिंग के रूप में भी जाना जाता है। स्कैल्पिंग और डे-ट्रेडिंग दोनों ही इंट्राडे ट्रेडिंग हैं। स्कैल्पिंग के मामले में, ट्रेडर अपनी पोजीशन को कुछ सेकेण्ड से कुछ मिनटों के लिए स्टॉक को होल्ड रखता हैं। डे ट्रेंडर की तरह स्कैल्पिंग ट्रेडर को भी दिन के बाजार बंद होने से पहले अपनी पोजिशन को बंद करना होता है.

स्कैल्पिंग ट्रेंडिग के मामलों में डे ट्रेडिंग से भी ज्यादा तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, बाजार की अच्छी समझ और स्टॉक प्राइस में उतार-चढ़ाव की गहरी समझ होनी चाहिए। इसलिए, यह इसे भी ज्यादातर अनुभवी ट्रेडर्स द्वारा किया जाता है.

उदाहरण – माना राहुल को किसी स्टॉक में ब्रेकआउट, ब्रेकडाउन या कोई जरुरी लेवल ब्रैक होता दिख रहा है और राहुल को लग रहा है कि वह स्टॉक बहुत तेजी से मोमेंटम करने वाला है। इस स्थिति में जैसे प्राइस लेव को ब्रैक करता है राहुल अपनी पोजिशन बना लेता है और कुछ ही मिनटो में प्रॉफिट लेकर निकल जाता है.

स्कल्पिंग का उपयोग ज़्यादातर करेंसी ट्रेडर करते है.

स्विंग ट्रेडिंग

स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग की इस शैली का उपयोग अल्पकालिक स्टॉक मूवमेंट और पैटर्न को ट्रेड करने के लिए किया जाता है। स्विंग ट्रेडिंग के मामले में, ट्रेडर अपनी पोजीशन को आदर्श रूप से एक से सात दिन के लिए होल्ड रखता हैं.

स्विंग ट्रेडिंग एक ट्रेडिंग तकनीक है जिसका उपयोग ट्रेडर्स स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए करते हैं जब ट्रेडर की एनालिसिस भविष्य में एक अपट्रेंड या डाउनट्रेंड की ओर इशारा करते हैं, तो इसी स्थिति में स्विंग ट्रेडर उस स्टॉक में अपनी पोजिशन बनाते है.

स्विंग ट्रेडिंग में अवसरों का फायदा उठाने के लिए, ट्रेडर्स को अल्पावधि में लाभ कमाने की संभावना बढ़ाने के लिए शीघ्रता से कार्य करना चाहिए.

उदाहरण – माना की आने वाले हफ्ते में रिलायंस की तिमाही रिपोर्ट आने वाली है और कंपनी का आंकलन कर ये अनुमान लगाया जा सकता है की कंपनी को प्रॉफिट ही होगा तो वह पर आप रिलायंस के शेयर में ट्रेड कर उसे 1 सप्ताह से 1 महीने तक होल्ड कर सकते है और अगर कंपनी अपनी रिपोर्ट में प्रॉफिट रिकॉर्ड करती है तो उसका सीधा प्रभाव स्टॉक के प्राइस पर दिखेगा, जिससे आप अपना मुनाफा निर्धारित कर एग्जिट कर सकते है.

पोजीशनल ट्रेडिंग

ट्रेडिंग के इस शैली में, पोजीशनल ट्रेडर अपनी पोजिशन को कुछ सप्ताह से लेकर महिनो तक होल्ड रखते हैं। इस तरह की ट्रेडिंग में शामिल एक ट्रेडर थोडी लम्बी अवधि लेकिन एक साल से कम अवधि के लिए ट्रेड प्लान करता है.

पोजीशनल ट्रेडिंग एक रणनीति है जिसमें लाभ के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एक लंबी अवधि के लिए एक ट्रेडिंग पोजीशन आयोजित की जाती है.

पोजीशन ट्रेडिंग में, एक ट्रेडर की आम तौर पर एक लंबी अवधि की सोच होती है, और शॉर्ट-टर्म के उतार – चढाव के बावजूद, पोजीशनल ट्रेडर लंबे समय अपनी पोजिशन बनाए रखना पसंद करते है। ट्रेडर्स आमतौर पर पोजीशनल ट्रेडिंग करने के लिए दीर्घकालिक चार्ट (साप्ताहिक, मासिक) का उपयोग करते हैं.

उदाहरण – माना राहुल को अपनी रिसर्च के अनुसार लग रहा है कि एवीसी कंपनी आने वाले महिनो में बहुत अच्छा रिटर्न देने वाली है इस स्थिती में राहुल एवीसी कंपनी शेयर्स में एक पोजीशनल ट्रेड प्लान करता है.

इन 5 ट्रेडिंग के अलावा दो और तरह के ट्रेड होते है जो आपके होल्डिंग पैटर्न पर निर्भर करती है:

  • BTST
  • STBT

आज ख़रीदे कल बेचे  (BTST)

जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इस प्रकार के ट्रेड में, आप आज किसी स्टॉक को खरीदते हैं और कल उस स्टॉक को बेचते हैं। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स आज इस उम्मीद में शेयर खरीदते हैं कि अगले दिन स्टॉक की कीमत बढ़ जाएगी.

फिर अगले दिन जब बाजार खुलता है तो ट्रेडर अपने शेयर बेचता है और लाभ कमाता है। इस प्रक्रिया को BTST कहा जाता है। ऐसा  करने पर आपको शेयरों की डिलीवरी नहीं मिलती है। क्योंकि भारत में शेयर मार्केट T+2 सेटेलमेंट चक्र पर काम करता है.

डिलीवरी और BTST में अंतर है। डिलीवरी में, आपको अपने डीमैट खाते में स्टॉक की डिलीवरी मिलती है। लेकिन क्या होगा अगर डिलीवरी मिलने से पहले आपको कोई बड़ा अवसर मिल जाए?

फिर वहा बीटीएसटी की भूमिका सामने आती है। BTST ट्रेडिंग शैली में, आप किसी भी शेयर को खरीद सकते हैं और उन्हें कल बिना डिलीवरी के भी बेच सकते हैं। BTST का एक फायदा यह भी है कि इसमें आपको कोई DP शुल्क नहीं देना पड़ता है.

आज बेचें कल खरीदें (STBT)

यह ट्रेडिंग शैली BTST ट्रेडिंग के बिल्कुल विपरीत है। यहां आप किसी स्टॉक को आज बेच सकते हैं और कल खरीद सकते हैं। लेकिन याद रहे, इक्विटी ट्रेडिंग (equity meaning in share market) में इस प्रकार की ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है.

हालांकि, इसे आप डेरिवेटिव मार्केट (derivatives meaning in hindi) में कर सकते है। इस ट्रेडिंग शैली में, ट्रेडर पहले डेरीवेटिव मार्केट में शेयर्स को बेचता है और फिर वह अपनी शॉर्ट सेलिंग पोजीशन को अगले दिन के लिए आगे ले जाता है और खरीद कर इसे पूरा कर लेता है.

दूसरे शब्दों में, यदि ट्रेडर को लग रहा है कि एवीसी कंपनी में ख़राब न्यूज़ है या कुछ और जिसकी वजह से ट्रेडर को लग रहा है कि वह स्टॉक कल को गैप डाउन खुलने बाला है इस स्थिती में बह ट्रेडर उस स्टॉक को आज ही सैल कर देता है और फिर कल जैसे ही वह स्टॉक गैप डाउन खुलता है वैसे ही वह ट्रेडर अपनी सैल पोजिशन को खरीद लेता है जिससे की उसे अच्छा मुनाफा होता है.

लेकिन अगर मार्केट गैप डाउन खुलने की वजाय गैपअप खुल जाता है तो उस ट्रेडर को भारी नुकसान का सामना करना पड सकता है। इस लिए BTST और STBT को रिस्की कहा जाता है.

निष्कर्ष – Trading Kaise Sikhe

तो दोस्तो ये थे ट्रेडिंग के प्रकार और ट्रेडिंग कैसे सीखे, अब बात आती है की आप किस तरह के ट्रेडर है। ये निर्धारित करता है कि आप कितना जोखिम उठा सकते है और आप कितने लम्बे समय तक किसी भी स्टॉक को होल्ड करना चाह रहे है.

उसके आधार पर आपका विश्लेषण करने का तरीका और रकम जिसके साथ आप निवेश या ट्रेड करना चाह रहे है वह दोनों हे बदल जाएंगे, इसलिए शेयर मार्केट में ट्रेड करने से पहले निर्धारित करें की आप किस तरह के ट्रेडर है.

स्टॉक मार्केट से जुड़े ज्ञान को बढ़ाने के लिए आप स्टॉक मार्केट कोर्स का चयन भी कर सकते है, जिसमे आपको आपको ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट फार्म में बहुत ही आसान भाषा में स्टॉक मार्केट के बेसिक और एडवांस कांसेप्ट को समझाया गया है.

Devender Kumar
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